बरगवां का परिचय
बरगवां मध्य प्रदेश के
सिंगरौली जिले का एक प्रमुख नगर,
तहसील मुख्यालय और महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र है।
यहाँ आदित्य बिड़ला समूह की इकाई
हिंडाल्को (Mahan Aluminium) स्थित है,
जो क्षेत्र के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण
भूमिका निभाती है।
अर्थव्यवस्था एवं औद्योगिक विकास
बरगवां और इसके आसपास का क्षेत्र सिंगरौली के औद्योगिक
विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्ष
1980 के आसपास विंध्याचल और आसपास के
क्षेत्र में शुरुआती उद्योगों का आगमन हुआ।
इनमें विद्युत संयंत्रों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति तथा
वेल्डिंग प्रक्रियाओं में उपयोग होने वाली एथिलीन गैस की
आपूर्ति से जुड़े उद्योग शामिल थे।
बाद में आदित्य बिड़ला समूह ने क्षेत्र में
उपलब्ध कोयले के संसाधनों को देखते हुए वर्ष
2009 के आसपास बिजली संयंत्र और
एल्युमिनियम संयंत्र विकसित करने की योजना बनाई।
इसके परिणामस्वरूप हिंडाल्को और महान परियोजनाओं
का विकास हुआ। इन औद्योगिक परियोजनाओं ने स्थानीय लोगों के
लिए रोजगार के साथ-साथ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और विकास के
नए अवसर भी पैदा किए।
पर्यटन एवं धार्मिक स्थल
बरगवां और इसके आसपास कई महत्वपूर्ण प्राकृतिक एवं धार्मिक
स्थल हैं। इनमें कचन बाँध (गड़ेरिया),
दुर्गघटा देवी मंदिर और
झरिया मंदिर प्रमुख हैं।
इसके अलावा क्षेत्र में स्थानीय मेले और धार्मिक आयोजन भी
आकर्षण का केंद्र रहते हैं।
दुर्गघटा देवी मंदिर
दुर्गघटा देवी मंदिर बरगवां के मुख्य बाजार से लगभग
8–9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु
यहाँ देवी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।
झरिया मंदिर
झरिया मंदिर बरगवां नगर से लगभग
3–4 किलोमीटर दूर स्थित है और यह
विशेष रूप से भगवान शिव को समर्पित
मंदिर के रूप में प्रसिद्ध है।
मंदिर के आसपास का शांत और प्राकृतिक वातावरण इसे
आध्यात्मिक एवं सुकून भरा स्थान बनाता है।
रेल एवं सड़क संपर्क
बरगवां रेलवे स्टेशन सिंगरौली जिले के
प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है। यहाँ से देश के कई
महत्वपूर्ण शहरों के लिए रेल संपर्क उपलब्ध है।
बरगवां रेल मार्ग के माध्यम से
दिल्ली, कटनी, जबलपुर, कोलकाता, चोपन, आगरा,
विदिशा, धनबाद, आसनसोल, झांसी, सागर, भोपाल,
नासिक रोड, मुंबई, अहमदाबाद, अजमेर, रतलाम,
उज्जैन और कोटा
जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
सड़क परिवहन के माध्यम से बरगवां से
रीवा, सीधी, सतना सहित आसपास के
प्रमुख शहरों तक पहुँचा जा सकता है। क्षेत्र में बस सेवाएँ
स्थानीय एवं क्षेत्रीय आवागमन का प्रमुख साधन हैं।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग-39
(पूर्व में NH-75) का निर्माण क्षेत्र में किया जा
रहा है, जो पश्चिमी छोर पर झांसी को
पूर्वी छोर पर रांची से जोड़ने वाली
महत्वपूर्ण सड़क कड़ी बनेगा।